कोरोना योद्धा डॉक्टर हिमांशु के जज्बे को सलाम….

कोरोना योद्धा डॉक्टर हिमांशु के जज्बे को सलाम…..

न्यूज़ एप/पांवटा साहिब

विगत वर्ष जब लॉकडाउन में हम सब अपने घरों के भीतर ही
थे। ऐसे विषम हालातों में भी कुछ कोरोना योद्वा डॉक्टर कोविड-19 टेस्टों व मरीजों की
देखभाल में दिन रात एक किए हुए थे। डॉक्टर व मेडिकल स्टाफ को कोरोना वायरस से
संंक्रमित होने का सबसे ज्यादा खतरा रहता है। फिर भी ये कोरोना योद्वा डॉक्टर हिमाशु
कोशिश विगत मार्च 2020 से अपनी ड्यूटी पर डटे हुए है। कोरोना काल में इन कोरोना
योद्वा डॉक्टरों की जिंदगी का क्या क्या अनुभव रहा। कोरोना महामारी
के शुरुआत से अब तक के विषाम हालातों व अनुभव को जानने की कोशिश की है।
मूल रुप से पांवटा साहिब के ग्राम तारुवाला निवासी डॉ. हिमांशु कोशिश(37) कोरोना
योद्वा के रुप में कार्य कर रहे है। उनका जन्म व शुरुआती शिक्षा शिमला से हुई है।
उसके बाद बाबा फरीद विवि पंजाब से ग्रेजुएशन किया। एमओ आयुष करने के
बाद पहले श्री राम अस्पताल शिमला व चंडीगढ़ में सेवारत रहे। फिर, 2016 फरवरी
में पीएचसी सतौन में बतौर एमओ आयुष तैनात हुए। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम
के तहत आयुर्वेदिक चिकित्सक के रुप में 0 से 18 साल के बच्चों को स्वास्थ्य,
पोषाहार जानकारी व आंगनबाड़ी केंद्र में जाकर बच्चों की स्वास्थ्य जांच उपचार करते
है। कोरोना महामारी के चलते देश में लॉकडाउन लगने पर विगत वर्ष 22 मार्च 2020
से इनकी ड्यटी बीएमओ राजपुर डॉ. अजय देयोल के साथ लगी।

खास बातचीत में डॉ. हिमांशु ने बताया कि विगत वर्ष सिरमौर में सबसे पहला कोरोना
संक्रमित मामला जमाती का आया था। जिसमें रात को 1 बजे संक्रमित को कोविड अस्पताल
भेजा गया था। पहले मामले के आने पर पूरे क्षेत्र में दहशत का सा माहौल था। तब से लेकर
अब तक लगातार कोविड सैंपलिंग, कोविड संक्रमितों को कोविड सेंटर पहुंचाने व लोगों को
जागरूक करने का कार्य करते आ रहे है। अब वैक्सीनेशन का कार्य भी किया जा रहा है।
डॉ. हिमांशू ने कहा कि शुरुआती दौर से लेकर आज तक पूरी टीम डट कर कार्य कर रही है।
़कई बार लगातार 24 घंटे दिन रात भी ड्यूटी करते रहे हैं। लोगों को कोविड से बचाव के लिए
इस मुहिम के दौरान मास्क पहनने, सामाजिक दूरी समेत एहतियात बरतने को जागरूक करते
रहे हैं। संक्रमितों को होम सर्विलांस के दौरान दवा व स्वास्थ्य जांच करते है। कोविड से संक्रमित होने के बाद मौत पर गाईडलाइंस के अनुसार संस्कार करवाने वाली टीम में शामिल रहे है। अब वैक्सीनेशन कार्य में भी बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं।

हर पल रहता कोरोना संक्रमण का खतरा

कोरोना योद्वा डॉ. हिमांशु ने कहा कि कोरोना संक्रमण का हमेशा खतरा बना रहता
था। शुरुआती दौर में तो संक्रमितों को शिफ्ट करने व टेस्टिंग मेें शामिल रहने पर लोग समीप खड़ा
रहने से भी डरने लगे थे। अब तक तकरीबन 7 बार अपनी कोविड-19 टेस्ट करवा चुके है। लेकिन, हर बार नेगेटिव रिपोर्ट आई है। अब वैक्सीन लगवा चुके है। इस बात का सुकून है कि देश व प्रदेश में चुनौती के इस दौर में सेवा का मौका मिला है। स्वास्थ्य विभाग टीम व अन्य करोना योद्वाओं के साथ डट कर कार्य करते रहे है।

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