एक साल से मकान बनाने के लिए सरकारी दफ्तर के चक्कर काट रहा है करीब परिवार…
एक साल से मकान बनाने के लिए सरकारी दफ्तर के चक्कर काट रहा है करीब परिवार…
सरकार के गरीबों को मकान देने के दावे हो रहे है खोखले साबित…
टूटे-फूटे मकान में 4 बच्चों के साथ रहने को मजबूर है गरीब परिवार…
न्यूज़ एप/पांवटा साहिब
विकासखंड पांवटा साहिब के भंगानी पंचायत में एक गरीब परिवार मकान बनाने के लिए एक साल से सरकारी कार्यालय के चक्कर काट रहा है। लेकिन अभी तक किसी ने भी गरीब परिवार की पुकार नहीं सुनी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश सरकार गरीबों को मकान दिलाने के बड़े बड़े दावे कर रही है। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। जानकारी के अनुसार भंगानी पंचायत के रहने वाला बिमलपाल अपने चार बच्चे सहित 6 लोग एक टूटे फूटे मकान में रह रहा है। पंचायत ने परिवार को बीपीएल सूची में तो डाला हुआ है। लेकिन आज तक इसे पक्का मकान नहीं मिला है। यंग ब्रिगेड क्लब भंगानी के सचिव कमलजीत सिंह, संजय कुमार, साहिल राणा व देवेंद्र कुमार ने बताया की परिवार बहुत ही निर्धन है। जिसके मकान बनाने के लिए एक वर्ष पहलें विकासखंड कार्य में लिखित में आवेदन किया था। लेकिन एक साल बीतने के बाद भी विभाग के अधिकारियों ने कोई सुध नहीं ली। व्यक्ति के पास बहुत पुराना मकान है। जिसमें बरसात में पानी टपकता रहता है। उन्होंने बताया की पंचायत में ऐसे परिवारों को मकान दिये गये है। जिनके पास गाड़ियां व जेसीबी मशीनें है। लेकिन ऐसे परिवारों को मकान नहीं दिया जाता है। सरकार बड़े बड़े दावे करती है। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही होता है।
उधर पांवटा साहिब के विकास खण्ड अधिकारी गौरव धीमान ने बताया की यह मामला संज्ञान में आया था लेकिन कोरोना के कारण सभी कार्य रूके पड़े है। इस परिवार को जल्द ही सहायता दी जायेगी।
