बाहरी राज्यों के अभ्यर्थियों को प्रदेश में नौकरी देने की तैयारी….
बाहरी राज्यों के अभ्यर्थियों को प्रदेश में नौकरी देने की तैयारी….
प्रदेश के बेरोजगार इंजीनियरों ने प्रदेश सरकार पर लगाए आरोप….
दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर प्रदेश के बेरोजगार इंजीनियर…
न्यूज़ एप/पांवटा साहिब
प्रदेश के बेरोजगार इंजीनियरों ने आरोप लगाया है की हिमाचल प्रदेश सरकार व राज्य चयन आयोग द्वारा भर्ती व पदोन्नति नियमों की अनदेखी करने व परीक्षा के स्वरूप में बदलाव कर और ग श्रेणी में बाहरी राज्यों के अभ्यर्थियों को रोजगार देने की तैयारी कर रही है। प्रदेश के बेरोजगार इंजीनियरों इसका कड़ा विरोध करते हैं।
भर्ती पदोन्नति नियमों की अनदेखी व परीक्षा स्वरूप बदल कर प्रदेश में इंजीनियरिंग कर चुके हजारों बेरोजगार छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है। रोजगार की बाट जोह रहे युवा दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है।
प्रदेश में इंजीनियरिंग कर चुके नीरज कुमार, गगन चौधरी, विवेक चौधरी, अजय, विकास, कमल किशोर व कुलदीप कुमार का कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा भर्ती एवं पदोन्नति के नियमों की अनदेखी कर, परीक्षा का स्वरूप हिमाचली छात्रों के अनुकूल ना होना, राज्य विद्युत बोर्ड में 90 में से 70 पदों पर बाहरी राज्यों के अभ्यर्थियों को भर्ती करने की तैयारी करना पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं के साथ सरासर धोखा करना है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार व राज्य चयन आयोग ने प्रदेश के युवाओं को बाहर का रास्ता दिखा दिया है।
जबकि ग वर्ग के पदों पर अपने ही राज्य के युवाओं का अधिकार होता है लेकिन इस निर्णय से सामान्य वर्ग के 85% पदों पर बाहरी राज्य के अभ्यर्थियों का चयन होना लगभग तय है।
इससे पहले राज्य सचिवालय व लोक निर्माण विभाग में बाहरी राज्यों के अभ्यार्थियों को भर्ती किया गया अब राज्य विद्युत बोर्ड में 90 में से 70 पदों पर बाहरी राज्यों के विद्यार्थियों को भर्ती करना करने की तैयारी की जा रही है।
