पांवटा साहिब के सिंघपुरा में खौफनाक वारदात, देर रात को घर पर घुसकर कुत्ते ने मासूम का मुंह नोचा…
पांवटा साहिब के सिंघपुरा में खौफनाक वारदात, देर रात को घर पर घुसकर कुत्ते ने मासूम का मुंह नोचा…
पेन डाउन हड़ताल छोड़कर डॉक्टर प्रियंका परमार ने किया बच्चे का उपचार, लोगों ने की प्रशंसा….
न्यूज़ एप/पांवटा साहिब
उपमंडल पांवटा साहिब के सिंघपुरा में देर रात को घर पर सो रहे चार साल के बच्चे पर कुत्ते ने हमला कर मुंह को बुरी तरह से ज़ख्मी कर घायल कर दिया। परिजनों ने तुरंत बच्चे को सिविल अस्पताल पांवटा साहिब लाया जहां पर बच्चे का उपचार किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार चार साल का बच्चा आसिफ पुत्र लियाकत अली निवासी सिंघपुरा रात को अपने घर पर परिजनों के साथ सोया हुआ था। बच्चे के मामा बजीर ने बताया कि सुबह करीब चार बजें एक कुत्ता घर पर घुसा और सोये हुए बच्चे पर हमला कर दिया। जब बच्चा जोर जोर से चिल्लाया तो घर पर सभी उठ गए तथा कुत्ता हमला कर भाग गया। कुत्ते ने बच्चें के मुंह पर गहरे जख्म किए हुए थे व मुंह खून से लतपथ पड़ा हुआ था। जिसके बाद बच्चे को सिविल अस्पताल पांवटा साहिब लाया गया। जहां पर बच्चे का उपचार किया गया। उन्होंने बताया कि सिंघपुरा में हम लोग कच्चे मकान में रहते है तथा कमरे में दरवाजे भी नहीं लगे हुए है। जिस कारण
कुत्ता घर पर घुस गया।
हड़ताल छोड़कर डॉक्टर प्रियंका परमार ने किया बच्चे का उपचार, लोगों ने की प्रशंसा….
चार साल के बच्चे को गंभीर स्थिति को देखते हुए सिविल अस्पताल में तैनात आंखों की डॉक्टर प्रियंका परमार ने हड़ताल छोड़कर बच्चे का उपचार किया। इन दिनों प्रदेश में डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर पेन डाउन हड़ताल पर चलें हुए हुए। डॉक्टर सुबह साढ़े नौ बच्चे से लेकर 12 बजें तक हड़ताल पर रहते है। लेकिन डॉक्टर प्रियंका परमार ने बच्चें की गंभीर हालत को देखते हुए हड़ताल छोड़कर सिविल अस्पताल में ओप्रेशन थियेटर में पहुंचकर बच्चे का उपचार किया गया। बच्चे का मुंह इस कदर जख्मी था कि मुंह पर करीब एक दर्जन टांके लगाने पड़े। सिविल अस्पताल में हड़ताल छोड़कर बच्चे का उपचार करवाने के बाद सिविल अस्पताल में आये रोगी भी डॉक्टर प्रियंका परमार की प्रशंसा करने लग गए।
उधर सिविल अस्पताल पांवटा साहिब में तैनात डॉक्टर प्रियंका परमार ने बताया कि चार साल के बच्चे को कुत्ते ने मुंह को बुरी तरह से ज़ख्मी किया हुआ था तथा बच्चे के मुंह पर गहरे जख्म होने के कारण टांके लगाए गए है व उपचार कर घर भेज दिया गया है।
