दिल्ली से भटक कर पांवटा साहिब पहुंचा बेसहारा मासूम, कूड़ा बिनते देख पुलिस ने पहुंचाया बाल आश्रम
दिल्ली से भटक कर पांवटा साहिब पहुंचा बेसहारा मासूम, कूड़ा बिनते देख पुलिस ने पहुंचाया बाल आश्रम
मासूम ने कॉविड महामारी के दौरान खो दिए थे मां बाप, पांवटा साहिब के राजबन पुलिस टीम ने दिखाई दरियादिली
न्यूज़ एप/पांवटा साहिब
राजधानी दिल्ली में कोरोना काल में एक 14 वर्षीय किशोर की खुशियों पर कहर उस समय टूटा जब कोरोना ने माता पिता को छीन लिया और जिंदगी भर न भूलने वाला दर्द दे दिया और दो वक्त की रोटी के जुगाड़ में पांवटा साहिब पहुंचकर कूड़ा बिनने पहुंच गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 14 वर्षीय मोहम्मद सुल्तान पुत्र स्वर्गीय नदीम निवासी मंगल बाजार पुजा कालोनी हनुमान मंदिर पुस्ता पावि लोनी दिल्ली का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि कोविड काल के दौरान किशोर के माता पिता का निधन हो गया तथा वह बेसहारा हो गया। जिसके बाद मासूम का पालन पोषण करने वाला कोई नहीं बचा। बताया जा रहा है कि 14 वर्षीय मासूम मोहम्मद पहले दिल्ली से हरिद्वार पहुंचा लेकिन बच्चे ने भीख मांगना उचित नहीं समझा और वहां पर कूड़ा बिनने का काम शुरू किया। कुछ दिन वहां रहने के बाद मासूम पांवटा साहिब पहंचा और राजबन के गिरी बस्ती में कूड़ा इकट्ठा कर रहा था मासूम को कूड़ा बिनते देख लोगों ने इसकी सूचना राजबन पुलिस को दी। जिसके बाद राजबन पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और बच्चे को रेस्क्यू किया। पुलिस पूछताछ में बच्चे ने बताया कि उसके माता पिता की मृत्यु हो चुकी है और वर्तमान में इसका कोई रहने का ठिकाना नहीं है तथा पुलिस को बताया की में अब दिल्ली नहीं जाना चाहता। जिसके बाद पुलिस टीम ने पहले बच्चे को खाना खिलाया उसके बाद नहला कपड़े बदले और जिला बाल कल्याण समिति नाहन पेश किया गया। जहां से 14 वर्षीय मासूम को बाल आश्रम भेजा गया।
उधर पांवटा साहिब के डीएसपी मानवेन्द्र ठाकुर ने बताया कि राजबन पुलिस ने एक 14 वर्षीय बेसहारा बच्चे को कूड़ा बिनते हुए रेस्क्यू किया है। जिसके बाद बच्चे को जिला बाल कल्याण समिति नाहन में पेश किया गया जहां से बच्चे को बाल आश्रम में भेज दिया है।
