ऊर्जा मंत्री के इलाके में नगर परिषद में ईओ सहित 30 पद रिक्त

ऊर्जा मंत्री के इलाके में नगर परिषद में ईओ सहित 30 पद रिक्त

सरकार के बेरुखी के कारण नहीं भरे जा रहे रिक्त पद

न्यूज़ एप/पांवटा साहिब

प्रदेश ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी के क्षेत्र पांवटा साहिब में स्टाफ के आभाव में नगर परिषद दुर्दशा की शिकार हो गई है। यहां नगर परिषद में ईओ सहित 30 से अधिक पद रिक्त पड़े हैं। लेकिन सरकार की बेरुखी के कारण यहां पद नहीं भरे जा रहे हैं।
पांवटा साहिब नगर परिषद में पहली जनवरी से कार्यकारी अधिकारी का पद रिक्त पड़ा है। वही जेई की भी ट्रांसफर हो गई है। इसके साथ ही सेनेटरी सुपरवाइजर सहित अन्य 30 पद रिक्त पड़े हैं। ऐसे में कोरोना वायरस के दौरान रोकथाम के उपायों के लिए नगर परिषद कितना काम कर पाएगी यह सोंचने वाले विषय है। जानकारी के मुताबिक पांवटा साहिब में नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी का कार्यभार नायब तहसीलदार देख रहे थे जो बीते वर्ष 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उसके बाद कार्यकारी अधिकारी का किसी के पास अतिरिक्त कार्यभार भी नहीं है। परिणाम स्वरूप जहां अभी तक करीब 100 कर्मचारियों के दिसंबर माह का वेतन जारी नहीं हो पाया है, वही कोरोना की रोकथाम के लिए शहर में नगर परिषद द्वारा करवाए जाने वाले दवाइयों के छिड़काव की मुहिम को भी धक्का लग गया है। कांग्रेस के मंडल अध्यक्ष अश्विनी शर्मा ने कहा की एक और जहां ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी पांवटा साहिब के विकास के दावे करते फिर रहे हैं वहीं दूसरी और नगर परिषद में अहम पदों से लेकर अन्य 30 पदों के रिक्त होने से ही पता चल जाता है कि पांवटा का विकास किस गति से चल रहा है। जानकारी के मुताबिक पांवटा साहिब में नगर परिषद में करीब 100 कर्मचारी कार्य करते हैं। इनमे 87 कर्मचारी अनुबंध और आउटसोर्स पर तैनात है, जबकि बाकी के नियमित कर्मचारी मौजूद है। कार्यकारी अधिकारी का पद रिक्त होने के चलते इन कर्मचारियों को दिसंबर माह का वेतन भी अभी तक नहीं मिल पाया है, जो 1 से 7 तारीख तक जारी हो जाता था। इसके अतिरिक्त डोर टू डोर गारबेज उठाने वाले कर्मचारियों का वेतन भी जारी नहीं हो पाया है। यही नहीं पिछले 2 वर्षों में जिस नगर परिषद ने कोरोना महामारी के दौरान बेहतरीन सेवाएं दी है, वह इस बार अधिकारियों की अनुपस्थिति में कुछ कार्य करने में भी असमर्थ सी नजर आ रही है। ना तो अभी तक शहर में कहीं भी दवाई का छिड़काव हो पाया है और न ही सरकार और सरकार के नुमाइंदे यहां पर रिक्त पदों को भरने की जेहमत उठा रहे हैं। जानकारी यह मिली है कि यहां पर तैनात कनिष्ठ अभियंता का भी पांवटा साहिब से नाहन तबादला हो गया है। हालांकि कार्यकारी अधिकारी का पद रिक्त होने के चलते जेई अभी तक रिलीव नहीं हुए हैं।
उधर पांवटा साहिब के एसडीएम विवेक महाजन ने कहा कि उन्हे फिलहाल ईओ के अतिरिक्त कार्यभार संभालने के कोई आदेश नही मिले हैं। रही बात शहर मे छिड़काव की तो वह अपने कार्यालय के माध्यम से शहर मे छिड़काव करवा रहे हैं।

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