धरना स्थल खाली करने के लेकर प्रशासन प्रदर्शनकारी आमने सामने…
धरना स्थल खाली करने के लेकर प्रशासन प्रदर्शनकारी आमने सामने…
प्रदर्शनकारियों का धरना स्थल खाली करने से इंकार, डॉक्टर पर लगाए ये गंभीर आरोप
अगर प्रशासन ने धरना स्थल को जबर्दस्ती खाली करने का प्रयास किया तो सड़कों पर लोगों का हजूम उमड़ेगा:सुनील चौधरी
न्यूज़ एप/पांवटा साहिब
सिविल अस्पताल पांवटा साहिब में रेडियोलॉजिस्ट को लेकर दस दिनों से धरने पर बैठे पांवटा साहिब व्यवस्था परिवर्तन मंच के प्रदर्शनकारी और प्रशासन के बीच तकरार बढ़ गई है। बुधवार को प्रदर्शकारियों के साथ धरना स्थल पर भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष व राज्य कार्यकारिणी सदस्य मदन मोहन शर्मा और रोशन चौधरी भी मौजूद थे।
धरना स्थल खाली करने को लेकर दोनों पक्ष आमने सामने आ गए हैं। प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को 48 घंटे का नोटिस जारी कर धरना स्थल खाली करने के आदेश दिए हैं।
प्रशासन की ओर से मौके पर पहुंचे तहसीलदार वेदप्रकाश अग्निहोत्री का कहना है कि ये इलाका साइलेंस जोन है। इस बारे में अस्पताल प्रशासन की ओर से शिकायत मिली है। जिसपर करवाई करते हुए प्रशासन ने ये कदम उठाया है। उन्होंने सुनील चौधरी से धरना समाप्त करने का आग्रह किया है। तहसीलदार वेदप्रकाश अग्निहोत्री ने कहा की अगर नोटिस देने के 48 घंटे तक धरना स्थल खाली नहीं करते तो प्रशासन जो कानूनी कारवाई बनती है वो अमल में लाई जायेगी।
वहीं दूसरी ओर पांवटा साहिब व्यवस्था परिवर्तन मंच के संयोजक सुनील चौधरी ने धरना स्थल खाली करने से साफ इंकार कर दिया है। उन्होंने कहा की अगर प्रशासन जबर्दस्ती धरना स्थल खाली करवाने का प्रयास करेगें तो सड़कों पर हुजूम उमड़ेगा। हम गरीब लोगों की आवाज उठा रहे है और अब यह मामला पांवटा साहिब का नहीं है पूरे प्रदेश के लोगों का समर्थन मिल रहा है। इस लिए प्रशासन गलतफहमी ना रहे। सुनील चौधरी ने आरोप लगाया कि एक डॉक्टर अस्पताल में शराब के नशे में रहता है, वे प्रशासन से मांग करेंगे कि उसकी मेडिकल जांच की जाएं।
इन्होंने कहा कि यदि प्रशासन धरना स्थल खाली करवाने के लिए जोर जबरदस्ती करेगा तो गांव देहात में रुके उनके साथी सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे। आंदोलन को तेज किया जाएगा।
