पांवटा साहिब सिविल अस्पताल में 12 घंटे शव का पोस्टमार्टम करवाने के लिए भटकते रहे परिजन, डॉक्टर मंत्री के कार्यक्रम में रहे व्यस्थ..
पांवटा साहिब सिविल अस्पताल में 12 घंटे शव का पोस्टमार्टम करवाने के लिए भटकते रहे परिजन, डॉक्टर मंत्री के कार्यक्रम में रहे व्यस्थ..
न्यूज़ एप/पांवटा साहिब
उपमंडल पांवटा साहिब के सिविल अस्पताल में शव का 12 घंटे तक पोस्टमार्टम नहीं करने का मामला सामने आया है। मृतक के परिजनों का आरोप है की अस्पताल के डॉक्टर मंत्री के स्वागत में लगें रहे तथा शव 12 घंटे तक शव गृह में पड़ा रहा। जब मामला मीडिया के संज्ञान में आया तो आनन-फानन में शव का पोस्टमार्टम किया गया। हालांकि अस्पताल प्रशासन का कहना है कि कागजी कार्रवाई में देरी होने के कारण पोस्टमार्टम करने में इतना समय लग गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कंडेला के 33 वर्षीय संतराम की पांवटा साहिब के रामपुरघाट में एक मकान के छत की सेटरिंग उतारते समय गिरने से मौत हुई थी। बताया जा रहा है की व्यक्ति को गंभीर अवस्था में परिजन सिविल अस्पताल पांवटा साहिब लाये थे। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर अवस्था में मेडिकल कॉलेज नाहन रेफर किया गया। जहां पर व्यक्ति की मौत हो गई। जिसके बाद रात करीब 1 बजें परिजनों ने शव को पांवटा साहिब लाया जहां पर पुलिस ने शव को शवगृह में रख दिया और वीरवार को शव का पोस्टमार्टम होना था। बताया जा रहा है की सिविल अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट का शुभारंभ ओनलाइन प्रधानमंत्री ने किया तथा इस कार्यक्रम में पांवटा साहिब के विधायक एंव ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी सहित प्रशासन अधिकारी आये। लेकिन परिजन अस्पताल प्रशासन से शव के पोस्टमार्टम करवाने की गुहार लगाते रहे। लेकिन अस्पताल प्रशासन मंत्री के स्वागत में लगें रहे। लेकिन परिजन 12 घंटे तक अस्पताल में भटकते रहे। आखिर मामला मीडिया के संज्ञान में आया जिसके बाद अस्पताल प्रशासन ने आनन फानन में शव का पोस्टमार्टम किया।
उधर सिविल अस्पताल पांवटा साहिब के प्रभारी अभिताभ जैन ने बताया की पोस्टमार्टम करवाने के लिए कागजी कारवाई में देरी हुई है। जैसे ही पोस्टमार्टम के कागजात तैयार हुई। चिकित्सकों ने शव का पोस्टमार्टम कर शव को पुलिस के हवाले कर दिया।
