पांवटा साहिब की जनता के सेहत के साथ खिलवाड़ कर रही है नगर परिषद।
पांवटा साहिब की जनता के सेहत के साथ खिलवाड़ कर रही है नगर परिषद।
होली मेले के आयोजन पर उठा विरोध।
पांवटा साहिब – शहर के हित में होली मेला नहीं होना चाहिए। मेले से कोरोना के मामलें बढ़ेंगे। यह बयान पांवटा साहिब नगर परिषद के विपक्षी 6 पार्षदों ने पत्रकार वार्ता कर दिया है।
शनिवार को पांवटा साहिब के निजी होटल में नगर परिषद के विपक्षी पार्षद डॉक्टर रोहताश नागिया, रविन्द्रपाल सिंह, मधुकर डोगरी, राजेन्द्र सिंह, मीनू गुप्ता, अंजना भंडारी आदि ने पत्रकारवार्ता कर कहा कि हमने बैठक में भी इस फैसले का विरोध किया था। उन्होंने कहा कि देश में कोरोना के मामलें फिर से बड़ रहे है। जिस कारण कई राज्यों में रात्रि कर्फ्यू फिर से शुरू हो गया है। लेकिन पांवटा साहिब नगर परिषद लोगों के साथ खिलवाड़ कर होली मेला लगाना चाहते है। रोहताश नागिया ने बताया की मुख्यमंत्री के गृह जिला मंडी में भी शिवरात्रि का कार्यक्रम हुआ था जिसमें मात्र धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किये गये थे। लेकिन पांवटा साहिब में बाहरी राज्यों से वयापारी आतें है। पांवटा साहिब मेले में बहारी राज्य से हजारों श्रद्धालु आते है। जिस कारण स्थानीय बुजुर्ग व बच्चों को अधिक खतरा रहेगा। प्रशासन और नगर परिषद की इसकी जिमेवारी लेनी होगी। सभी पार्षदों ने कहा कि गुरूद्वारा प्रबंधन कमेटी ने भी हमें आश्वासन दिया है की अगर होली मेला आयोजित नहीं होगा तो गुरूद्वारा कमेटी में कबी दरबार को नहीं लगायेगे जो धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा व कोरोना प्रोटोकॉल के तहत किया जायेगा। उन्होंने का कि स्वास्थ्य विभाग भी मेले के पक्ष में नहीं है। लेकिन नगर परिषद अपने निजी हित में लोगों की जान खतरे में डाल रहे है।
