Dog Attack: 5 साल की बच्ची के हाथ में बिस्किट देख झपटे आवारा कुत्ते, नोंच-नोंचकर ले ली जान

Dog Attack: 5 साल की बच्ची के हाथ में बिस्किट देख झपटे आवारा कुत्ते, नोंच-नोंचकर ले ली जान

न्यूज़ एप/छत्तीसगढ़

कोरिया: छत्तीसगढ़ में दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई हैं. यहां आवारा कुत्तों के एक झुंड ने एक पांच साल की मासूम बच्ची को घेर लिया और उसे नोच-नोच कर मार डाला. दरअसल, इस हमले में पीड़िता को गंभीर चोटें आईं, जिसके चलते उसकी मौत हो गई. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. हालांकि, पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में पता चला है कि मासूम की मौत कुत्तों के हमले के कारण हुई होगी. फिलहाल, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, साथ ही आगे की जांच-पड़ताल चल रही है.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ये घटना बैकुंठपुर के मार्गदर्शन स्कूल रोड के पास शुक्रवार सुबह हुई. पुलिस का कहना है कि मासूम बच्ची बिस्किट का पैकेट लेने के लिए पास की दुकान गई थी. इसी दौरान 5 साल की मासूम बच्ची को आवारा कुत्तों के झुंड ने घेर लिया. जिसके बाद उसको चीर-फाड़ डाला. इतना ही नहीं जल्द ही, सभी कुत्ते पूरी तरह से उस पर हावी हो गए.तब तक जब तक मासूम बच्ची की मौत नहीं हो गई.

क्या है मामला?

वहीं, मृतक 5 साल के मासूम माता-पिता मजदूर हैं, जोकि घटना के दौरान ईंट भट्ठे में काम करने के लिए गए हुए थे. जानकारी के अनुसार, मृतक बच्ची का नाम सुकांति बताया जा रहा है. परिजनों का कहना है कि कुत्तों ने सुकांति पर बुरी तरह से हमला कर दिया. जिसके बाद उसके चेहरे को और शरीर के अन्य हिस्सों को बुरी तरह से नोंचा. उस दौरान बच्ची चीखती-चिल्लाती रही. मगर, बच्ची की आवाज किसी ने नहीं सुनी. उधर, आवारा कुत्ते बच्ची को घसीटकर उसे एक कोने में खींच कर ले जाते हैं.

अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

हालांकि, कई घंटे बीतने के बाद जब बच्ची नहीं मिली तो परिजन उसकी तलाश में निकले तो उन्होंने देखा कि आवारा कुत्तों का झुंड उनकी बच्ची पर हमला करते हुए काट रहे थे. ऐसे में किसी तरह मासूम को परिजनों ने छुड़ाया. जिसके बाद उसे परिजन जिला अस्पताल ले गए. जहां डॉक्टरों ने बच्ची को जांच-पड़ताल के बाद मृत घोषित कर दिया.

मुआवजे को लेकर प्रशासन से की जाएगी बातचीत- थाना प्रभारी

इस मामले में बैकुंठपुर थाना प्रभारी का कहना है कि 5 साल की मासूम बच्ची पर हमला आवारा कुत्तों के झुंड़ ने किया है. ऐसे केसों में मुकदमा दर्ज नहीं होता है. फिलहाल, बच्ची के मुआवजे के बारे में जिला प्रशासन से बातचीत की जाएगी.

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