मौत से पहलें 26 लोगों की जिंदगी बचाने वालें चालक के परिजनों को आर्थिक सहायता देने के लिए प्रशासन ने हाथ किए खड़े….
मौत से पहलें 26 लोगों की जिंदगी बचाने वालें चालक के परिजनों को आर्थिक सहायता देने के लिए प्रशासन ने हाथ किए खड़े….
पांवटा साहिब-सतौन नैशनल हाईवे पर पेश आया था हादसा,प्रशासन की तरफ से अभी तक परिजनों को नहीं मिली आर्थिक सहायता…
न्यूज़ एप/पांवटा साहिब
पांवटा साहिब-सतौन नैशनल हाईवे पर निजी बस के सड़क दुर्घटना में 26 लोगों की जिंदगी बचाने वालें बहादुर चालक के परिजनों को प्रशासन ने आर्थिक सहायता देने से हाथ खड़े कर दिये है। अभी तक प्रशासन से मिलने वाली आर्थिक सहायता परिजनों को नहीं दी है। बस चालक ने मौत से पहलें निजी बस को सुरक्षित झाड़ियों में मोड़कर 26 लोगों की जिंदगी बचाई थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार देर शाम को कपूर निजी बस श्री रेणुका जी से सतौन से होते हुये पांवटा साहिब की तरफ जा रही थी जिसमें करीब 26 सवारियां सफर कर रही थी की नैशनल हाईवे पर राजबन के पास बस चालक अशोक कुमार के सीने में अचानक दर्द उठी तथा बस चालक अशोक कुमार ने सुझबुझ दिखते हुए बस को झाडियों की तरफ मोड़ दिया और खुद ड्राइवर सीट पर बेहोश हो गया। ड्राइवर की सूझबूझ से 26 लोगों की जिंदगी सुरक्षित बची। बाद में चालक को सिविल अस्पताल में चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है की मृतक चालक अशोक कुमार की तीन बेटियां और एक बेटा है जो की काफी समय से चांदनी गांव में रहते है तथा परिवार की आर्थिक स्तिथि ठीक नहीं बता रहे है। लेकिन मरने से पहलें 26 लोगों की जिंदगी बचाने वालें चालक के परिजनों को प्रशासन ने आर्थिक सहायता देने से हाथ खड़े कर दिये है। प्रशासन का तर्क है की चालक की मौत हार्टअटैक से हुई है और इस स्तिथि में आर्थिक सहायता नहीं दी जा सकती है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्तिथि स्पष्ट होगी।
उधर पांवटा साहिब तहसील का कार्यभार संभाल रहे कमरऊ के तहसीलदार नरौत्तम लाल गौड़ ने बताया की चालक की मौत का कारण हार्टअटैक बताया जा रहा है और ऐसे स्थिति में आर्थिक सहायता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही दी जा सकती है।
