एसडीएम-डीएसपी ने जूस पिलाकर सचिन का अनशन खुलवाया…

एसडीएम-डीएसपी ने जूस पिलाकर सचिन का अनशन खुलवाया…

डीसी सिरमौर के आश्वासन के बाद गोभक्तों ने समाप्त किया आंदोलन

न्यूज़ एप/पांवटा साहिब

गौ संरक्षण को लेकर 5 दिन से अनशन पर बैठे गौ भक्त सचिन ओबरॉय को जूस पिलाकर एसडीएम पांवटा साहिब विवेक महाजन ने उनका अनशन समाप्त करवाया है।
सचिन प्रदेश में बेसहारा को विषयों को संरक्षण प्रदान किए जाने की मांग को लेकर 19 अक्टूबर से रामलीला मैदान में आमरण अनशन पर बैठे हुए थे।उनका अनशन समाप्त करवाने पहुंचे एसडीएम पांवटा साहिब विवेक महाजन ने बताया कि नगर परिषद पांवटा साहिब में संचालित गौशाला की पंजीकरण प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। उसके साथ ही सरकार द्वारा दी जाने वाली ₹500 प्रति गौवंश राशि भी शुरू कर दी गई है। इसके अलावा गौशाला में पर्याप्त मात्रा में चारा उपलब्ध कराया गया है।

उन्होंने बताया कि सड़कों पर घूम रही गोवंश को संरक्षित करने के लिए पशुपालन विभाग की एक संयुक्त समिति का गठन किया गया है। इस कड़ी में 23 अक्टूबर को 12-12 व्यक्तियों की दो टीमों का गठन किया गया।

जो कि शहर के आसपास के क्षेत्रों से बेसहारा गोवंश को ढूंढ कर नजदीकी गौशाला में पहुंचाने के कार्य में लगे हुए हैं। इसी प्रकार पकड़े हुए पशु के लिए 8 क्विंटल हरे चारे और एक सूखे चारे की व्यवस्था की गई है।

एसडीएम विवेक महाजन ने बताया कि बेसहारा गोवंश को सड़क पर छोड़ने के मामले में जिन पशुओं पर टैग लगे हुए हैं उनके मालिकों का नियमों के तहत नगर परिषद द्वारा चालान किया जाएगा। जिन पर टैग नहीं है उन्हें नजदीकी गौशाला में स्थानांतरित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी पर्याप्त कदम उठाए गए हैं। माता बाला सुंदरी गौशाला की तर्ज पर गौशाला में गोबर से बनाने वाली लकड़ी उपले इत्यादि की मशीनों को उपलब्ध कराए जाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

इस बारे में जिलाधीश के संज्ञान में लाया गया है और उन से अनुरोध किया गया है कि सभी गौशालाओं में ये उपकरण उपलब्ध कराए जाएं।

एसडीएम विवेक महाजन ने बताया कि इन योजनाओं को अमलीजामा पहनाने के लिए 23 अक्टूबर को बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी और उप मंडल के सभी गौशालाओं के प्रबंधक मौजूद रहे।

पशुपालन विभाग को आदेश दिए गए कि हर माह पशु चिकित्सा अधिकारी सभी गौ शालाओं का निरीक्षण करें।

दुधलेश्वर गौशाला बहराल का मामला संज्ञान में लाया गया है कि उनके पास दो सौ के आसपास बेसहारा गोवंश है परंतु आर्थिक सहायता 105 की प्राप्त हो रही है। इस बारे में वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी को आदेश दिए गए कि मौके पर जाकर इसकी सत्यता की जांच करें।

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