सिरमौर एजुकेशनल डेवलपमेंट सोसाइटी ने मुख्यमंत्री से स्कूलों को खोलने की उठाया मांग…
सिरमौर एजुकेशनल डेवलपमेंट सोसाइटी ने मुख्यमंत्री से स्कूलों को खोलने की उठाया मांग…
ऑनलाइन पढ़ाई से बच्चे के मानसिक स्थिति पर भी पड़ रहा फर्क…
ड़ेढ़ साल से खड़ी स्कूलों के बसों का टैक्स हो माफ…
न्यूज़ एप/पांवटा साहिब
जिला सिरमौर में निजी स्कूलों की प्रमुख संस्था सिरमौर एजुकेशनल डेवलपमेंट सोसाइटी ने जयराम सरकार से स्कूल खोले जाने की मांग की है।
बुधवार को गुरु नानक मिशन पब्लिक स्कूल सभागार में निजी स्कूलों के प्रमुखों ने एक स्वर में विद्यार्थियों की पढ़ाई की चिंता जताते हुए एसओपी के साथ स्कूल खोले जाने की मांग की है।
इस मौके पर गुरु नानक मिशन पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्या देवेंद्र साहनी के मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जानकार बुद्धिजीवी स्पष्ट कर चुके हैं कि घरों में रह कर कोरोना का मुकाबला नहीं किया जा सकता।
नई पीढ़ी को इस महामारी से लड़ने के लिए अनुशासित करने की आवश्यकता है। ऐसे में स्कूलों का खोला जाना अहम है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही एजुकेशन सिस्टम अपनी पटरी पर न लौटा तो देश में ये जनरेशन कम समझ वाली होगी।
वहीं, सोसाइटी के महासचिव और विद्यापीठ स्कूल के प्रधानाचार्य एनएम वर्मा ने कहा कि कोरोना से हाई लोडेड पड़ोसी राज्यों में स्कूल खुल चुके हैं। वहां से कोई अशुभ समाचार नही मिलें है। ऐसे में हिमाचल प्रदेश सरकार को भी साहस का परिचय देते हुए स्कूल खोलने का निर्णय लेना चाहिए।
इस मौके पर स्कॉलर्स होम स्कूल के निदेशक एनपीएस नारंग, दून वैली स्कूल से शिवानी पांडेय, न्यू क्रिसेंट स्कूल से एनए हाशमी ने कहा कि कोरोना से लड़ने के लिए आवश्यक है की विद्यार्थियों को सक्षम बनाया जाए।
स्कूल ही बच्चों में अनुशासन की भावना पैदा कर सकते हैं। सभी स्कूल विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर कोरोना की चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि एसओपी के साथ सभी स्तर के स्कूल खोले जाएं। मोबाइल पर बच्चे पढ़ाई नहीं करते और मोबाइल से बच्चे के मानसिक स्थिति पर भी फर्क पड़ रहा है।
उन्होंने कहा की कोरोना काल में ड़ेढ़ साल स्कूलों की बसे खड़ी रही है। इस लिए सरकार को बस का टैक्स मांफ करनी चाहिए साथ ही कहा की स्कूल बसें बहुत ही कम चलती है इस लिए बस की पासिंग को एक साल के बजाय तीन साल करे।
